भागलपुर के काजीवलीचक में 3 मार्च 2022 की रात में 11.15 बजे भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें एक साथ 4 मकान ध्वस्त हो गए. और कुल 15 लोग मारे गए. अभी भी एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं. इस बम विस्फोट के पीछे 55 साल की महिला लीलावती का हाथ है. वो अपने घर में बम बनाने का काम करती थी. उसके इस काम में उसकी दो बेटी भी शामिल थी. लीलवती के पति की मृत्यु 25 साल पहले ही हो गई थी. घर संभालने के लिए लीलावती ने कोयले का अवैध व्यापर शुरू किया. हालांकि वो उस वक़्त सिर्फ खुदरा कोयला बेचा करती थी. लेकिन इसी क्रम में उसे बारूद को मंगाने का भी काम शुरू कर दिया. पहले उसके परिवार के लोग बारूद मंगा कर पटाखा बना कर बेचने का काम करते थे, मगर 2008 में पटखा बनाते वक़्त विस्फोट हो जाने के कारण उसके रिश्तेदार का एक हाथ उस गया. जिसके वजह से उसने पटाखा बनाने का काम छोड़ कर ठेकेदारी का काम करने लगे.
लेकिन लीलावती ने उस काम को दोबारा शुरू किया. वो उसी के लाइसेंस पर बारूद को मालदा व बंगाल के अन्य जगह से लाती थी. यूँ तो वो पटाखा बनाने के नाम पर बारूद मंगाती थी, लेकिन मोहल्ले वालों का कहना है कि लीलावती पटाखे की आड़ में देशी बम भी बनाती थी. देशी बम बनाने और सप्लाई करने की वजह से उसके कई अपराधियों से सांठ-गाँठ हो चुकी थी. मोहल्ले वालों ने जब इसकी शिकायत पुलिस से किया तो पुलिस वालों ने लीलावती को कभी नहीं पकड़ा. लेकिन जब भी लीलावती को पता चल जाता था कि मोहल्ले के लोग पुलिस में उसकी शिकायत करते हैं तब लीलावती उस व्यक्ति को अपने अपराधी मित्रों के द्वारा किसी ना किसी तरह धमकी दे कर उसे चुप करवा देती थी.
लीलावती ने अपनी दोनों बेटी का ब्याह करवाया, मगर बड़ी बेटी ने दो संतान होने के बाद अपने पति से तलाक ले लिया और अपनी माँ के साथ ही बच्चों समेत रहने लगी. हाल के दिनों में लीलवती की छोटी बेटी भी अपने ससुराल से आ कर मायके में ही रहने लगी थी.
लोगों का कहना है कि लीलावती का नेटवर्क अपराध की दुनिया में बम आपूर्ति करने की वजह से काफी फ़ैल चूका था. बंगाल, झारखण्ड और उत्तरी बिहार से लोग उसके यहाँ से बम लेने आते थे. इसकी वजह से उसे काफी धन की कमाई हो रही थी.
ऐसी आशंका है कि किसी अपराधी ने लीलावती को भीषण बम बनाने का काम दिया था, और 3 मार्च की रात वो लीलावती के घर बम लेने ही आया होगा. बम चेक करने के दौरान ही बम में विस्फोट हो गया जिससे लीलावती, उसकी दोनों बेटी, , उसके नाती नतनी, और वो ग्राहक समेत आसपास के घरों में रहने वाले 15 लोगों की मौत हो गई.ऐसी आशंका इसलिए भी जताई जा रही है क्यों कि लीलावती के घर के मलबे से ऐसे व्यक्ति के शव के टुकड़े मिले हैं जिसकी कोई [पहचान नहीं हो पाई है.
हालांकि पुलिस अभी भी मामले की उच्च स्तरीय जांच में लगी हुई है.
बहरहालबीच शहर में बारूद का इतना बड़ा अवैध जखीरा रहना पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस काण्ड के लिए ततारपुर थाना के अध्यक्ष इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित क्र दिया गया है.
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