मैट्रिक परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने पर छात्र छात्राओं को बिहार सरकार की तरफ से दस - दस हजार रूपये की राशि पुरूस्कार स्वरुप दी जाती है, किन्तु यह राशि नगद नहीं दे कर बैंक खाते में देय चेक के माध्यम से दी जा रही है. भागलपुर में सैकड़ों ऐसे बच्चे - बच्चियां हैं जो मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण कर चुके हैं लेकिन उनके नाम से बैंक में खाता नहीं है.
ऐसे बच्चे बच्चियों को दस हजार रूपये का चेक तो मिल गया है किन्तु यह चेक उनके लिए सिर्फ एक कागज़ का टुकडा बन कर रह गया है. क्यों कि यह चेक सिर्फ बैंक खाते में ही भुगतान होना है, जो कि उनके पास है ही नहीं.
ऎसी स्थिति में सैकड़ो बच्चों के मुख पर मायूसी की लहर देखी जा रही है. जिला शिक्षा कार्यालय से भी उन्हें किसी प्रकार की मदद नहीं मिल रही है. ऐसे बच्चों की मांग है कि उन्हें चेक नहीं दे कर नगद राशी देने का प्रबंध किया जाता तो वो सरकारी राशी का उपयोग अपने आगे की पढ़ाई में कर सकते थे.
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